चखुवाला के श्री शिव राम मंदिर में भागवत ज्ञान कथा सप्ताह का आयोजन का प्रारम्भ कलश यात्रा के साथ आरम्भ हुआ। - Swastik Mail
Breaking News

चखुवाला के श्री शिव राम मंदिर में भागवत ज्ञान कथा सप्ताह का आयोजन का प्रारम्भ कलश यात्रा के साथ आरम्भ हुआ।

 चखुवाला के श्री शिव राम मंदिर में भागवत ज्ञान कथा सप्ताह का आयोजन का प्रारम्भ कलश यात्रा के साथ आरम्भ हुआ।
Spread the love

चखुवाला के श्री शिव राम मंदिर में भागवत ज्ञान कथा सप्ताह का आयोजन का प्रारम्भ कलश यात्रा के साथ आरम्भ हुआ।

(2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक चलेगा)

उत्तराखंड (देहरादून) शुक्रवार , 02 अक्टूबर 2026

श्राद्द पक्ष के अवसर पर समस्त पितरों की मोक्ष कामना हेतु श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यात्रा का आयोजन चखुवाला स्तिथ श्री शिव राम मंदिर में 2अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक लगातार 3:00 बजे से 6:00 बजे तक भागवत कथा का आयोजन मंदिर समिति की और से लगातार पिछले तीन वर्षो से जारी है मंदिर समिति अध्यक्ष अरुण शाह ने जानकारी देते हुए बताया की कि आज पुरे चखुवाला क्षेत्र में पी एंन टी कालोनी के पास से होते हुए कुम्हार चौक, चकराता रोड, श्री गुरु नानक पब्लिक बालक इंटर कॉलेज, और चखुवाला गुरुद्वारा होते हुए पुनः श्री शिव राम मंदिर में जा कर यात्रा संपन्न हुई इस कलस यात्रा में 101 कलस लें कर महिलाओं द्वारा भजनों से भगवान की स्तुति की जा रही थी वहीं बैंड पार्टियों द्वारा भगवान के भजनों की सुन्दर प्रस्तुति दी जा रही थी वहीं भक्त आस्था की भक्ति में रमे नजर आ रहें थे इस यात्रा की अगुवाई में श्रीमद भागवत गीता लिए व बाल कृष्ण की मूर्ति द्वारा की गई वहीं जगह जगह यात्रा का स्वागत मिष्ठान एवं पुष्प वर्षा के साथ किया जाता रहा वहीं कथा व्यास के रूप में आचार्य सुनील ममगाई ने कथा प्रारम्भ करते हुए कहाँ की कि ईश्वर ही सत्य है और इस जगत का सार ही ईश्वर है हम सब उसकी कटपुतली है और हमारी डौर प्रभु परमात्मा के हाथ में है ये विडंबना है कि हम प्राणी भौतिक सुखों की खोज में माया मोह में फस कर ईश्वर भक्ति से दूर हो रहें है जबकि हमें चाहिए की है ईश्वर जैसे हम अन्य कार्यों कों जरुरी मान कर करते है है ईश्वर मुझे ये शक्ति दों की में आप का नाम विसमृत न कर सकूँ आप आपने भक्त कों सदैव राह दिखाए व उसे भक्ति मार्ग में चलने की प्रेरणा दें है ईश्वर जितना भी जीवन दिया है अपनी सेवा में लगाना यहीं भाव भक्ति का मार्ग है और जिसने केवल एक बार ही सही सच्चे मन से नारायण का नाम भी लिया है उसे भी सदगति प्राप्त हुई है।

यज्ञ सरक्षक के रूप में पंडित शशांक उनियाल का मार्गदर्शन भी मिलता रहा।

इस अवसर पर रवि शर्मा, मीना शर्मा, भागीरथ ध्यानी, अर्जुन सोनकर, पार्षद चखुवाला, सुरेंद्र बडोनी, अविनाश जोशी, राजेंद्र ममगाई, मदन गोपाल, कृष्ण गोपाल, मदन उपाध्याय, कैलाश अग्रवाल, सतीश कपूर, हरीश नारंग, चन्दर मोहन अरोरा राजू, संदीपा, आदि भक्त जन उपस्थित रहे।

Related post

error: Content is protected !!