ग्रेसरूट अवेयरनेस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट फॉर सोसायटी ने दो दिवसीय मोमबत्ती, गोबर के दीए, धूप बत्ती बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
ग्रेसरूट अवेयरनेस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट फॉर सोसायटी ने दो दिवसीय मोमबत्ती, गोबर के दीए, धूप बत्ती बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
(वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह व जागृति स्वयं सेवा समिति की महिलाओं ने प्रतिभाग किया)
उत्तराखंड (देहरादून) रविवार, 25 अक्टूबर 2026
ग्रेसरूट अवेयरनेस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट फॉर सोसायटी, देहरादून द्वारा विजय कॉलोनी के वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह व जागृति स्वयं सेवा समिति की महिलाओं को रोजगार एवं कौशल विकास से जोड़ने हेतु दो दिवसीय मोमबत्ती, गोबर के दीए, धूप बत्ती बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उदघाटन के अवसर पर ग्रासरूट अवेयरनेस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट फॉर सोसायटी के सचिव नीरज उनियाल द्वारा अतिथियों का परिचय करवाया गया व सम्मान किया गया। सोसायटी के अध्यक्ष सचिव द्वारा संस्था के द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए लिए गए कार्यों के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उनके द्वारा इस प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया की दीपावली के शुभ अवसर पर सभी घरों में दीए धूप बत्ती व मोमबत्ती की मांग बढ़ जाती है। सभी अपने घरों को दीप और मोमबत्ती से जगमग करना चाहते हैं। उनकी मांग यदि समूह की महिलाएं पूर्ण कर सकें तो ये एक सार्थक व रोजगार परक कार्य होगा। इसी को दृष्टिगत रखते हुए सोसायटी ने इस प्रकार के प्रशिक्षण को करवाना उचित समझा।
प्रशिक्षण में सहयोग ए सी आई सी उत्तरांचल युनिवर्सटी का सहयोग मिलने से इस प्रशिक्षण की सार्थकता बढ़ गई है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ हिमांशु तिवारी ए सी आई सी उत्तरांचल विश्वविद्यालय द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम के विषय में व ए सी आई सी उत्तरांचल विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर किए जा रहे जमीनी स्तर पर सामाजिक कार्यों के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उनके द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड का पहला ए सी आई सी केंद्र उत्तरांचल विश्वविद्यालय में स्थापित किया गया है। जिसके माध्यम से इस केंद्र द्वारा बहुत से जमीनी स्तर के रोजगार परक कार्यक्रमों का कार्यान्वयन किया जा रहा है। जिसमें ग्रासरूट अवेयरनेस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट फॉर सोसायटी (गति), द्वारा प्रशिक्षणों के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की अन्नू बिष्ट द्वारा समूह की गतिविधियों को जानकारी सभी के सम्मुख रखी गई। कहा गया कि हमारे समूह के लिए इस प्रकार का प्रशिक्षण गति सोसायटी व उत्तरांचल विश्वविद्यालय द्वारा करवाया जाना एक अच्छी पहल है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर तो बनेगी ही अपने हुनर के ब्ल पर रोजगार के नए आयाम भी स्थापित कर सकेंगी। इस प्रकार के प्रशिक्षणों से जुड़कर हम अपनी आजीविका अर्जित कर अपने परिवार को सबल बना सकती हैं। उन्होंने इस कार्य के लिए गति सोसायटी एवं उत्तरांचल विश्वविद्यालय को धन्यवाद दिया। मास्टर ट्रेनर पूजा उनियाल द्वारा कहा गया कि प्रशिक्षण तो बहत लोगों को करवाए जाते हैं पर उनमें से कितने लोग प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उसे रोजगार के रूप में अपनाते हैं ये बड़ी बात है उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण मनुष्य में व्यक्तित्व विकास की महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा निभाते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान सभी मास्टर ट्रेनर द्वारा सामग्री की जानकारी के साथ ही सभी प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न प्रकार की मोमबत्ती बनानी व उसके उपयोग की बारीकी व सावधानियों के विषय में बहुत ही साधारण तरीके से जानकारी दी गई। सभी प्रशिक्षणार्थियों ने बहुत ही तन्मयता से विभिन्न प्रकार की मोमबत्ती बनाने के कार्य को सावधानी पूर्वक पूर्ण किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ हिमांशु तिवारी, गति सोसायटी के सचिव नीरज उनियाल, पूजा उनियाल, वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्षा श्रीमती भावना नेगी, अन्नू बिष्ट सहित समूह से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रही।