उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले देहरादून में शिक्षकों की महाआक्रोश रैली निकाली। - Swastik Mail
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उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले देहरादून में शिक्षकों की महाआक्रोश रैली निकाली।

 उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले देहरादून में शिक्षकों की महाआक्रोश रैली निकाली।
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उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले देहरादून में शिक्षकों की महाआक्रोश रैली निकाली।

(हज़ारों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री आवास कूच कर उठाई नौ सूत्रीय मांगें)

उत्तराखंड (देहरादून) शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आज राजधानी देहरादून में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास की ओर निकाली गई महाआक्रोश रैली में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। शिक्षकों ने सरकार से अपनी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि लंबे समय से समस्याओं का समाधान न होने के कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।

रैली में शिक्षकों ने टीईटी (TET) की अनिवार्यता से राहत, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली तथा ऑनलाइन एवं अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति सहित नौ सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया।

ये हैं शिक्षकों की प्रमुख मांगें

1. शिक्षकों को टीईटी (TET) की अनिवार्यता से राहत प्रदान करना तथा संबंधित प्रावधानों के संबंध में उचित निर्णय लेना।

2. पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना।

3. शिक्षकों को ऑनलाइन एवं अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना।

4. गोल्डन कार्ड से संबंधित विसंगतियों को दूर करना।

5. शिक्षा मित्रों का नियमितीकरण करना।

6. सेवाकाल में कम से कम एक बार गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर प्रदान करना।

7. शिक्षकों की लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करना।

8. वेतन विसंगतियों एवं अन्य वित्तीय समस्याओं का निस्तारण करना।

9. शिक्षकों पर अनावश्यक प्रशासनिक कार्यों का दबाव कम कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना।

ऑनलाइन कार्यों के बढ़ते दबाव से शिक्षण कार्य प्रभावित

प्रदर्शन के दौरान चंपावत से पहुंचे शिक्षक उत्तम फर्त्याल ने कहा कि शिक्षकों से लगातार ऑनलाइन कार्य कराए जा रहे हैं। विभिन्न पोर्टल, मोबाइल ऐप और सूचनाएं अपलोड करने जैसे कार्यों में शिक्षकों का बहुमूल्य समय खर्च होता है, जिससे नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। उन्होंने मांग की कि शिक्षकों को ऑनलाइन एवं अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए, ताकि वे विद्यार्थियों को पढ़ाने, उनकी शैक्षणिक प्रगति का आकलन करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें।

अल्मोड़ा से पहुंचे शिक्षक नेता किशोर जोशी ने भी सरकार से शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनने और मांगों का शीघ्र समाधान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है कि शिक्षक अनावश्यक कार्यों के दबाव से मुक्त होकर अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।

वार्ता बेनतीजा रहने पर शिक्षकों में रोष

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर सरकार एवं शिक्षा मंत्री के साथ कई दौर की वार्ता होने के बावजूद शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। विशेष रूप से टीईटी की अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षकों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

संघ ने कहा कि टीईटी संबंधी प्रकरण केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के लाखों शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। संघ के अनुसार, देश के लगभग 25 लाख शिक्षक इस विषय से प्रभावित हैं। मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में राष्ट्रीय स्तर पर भी आंदोलन तेज किया जाएगा तथा दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षकों की आवाज उठाई जाएगी।

शिक्षक नेताओं ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि ऐसी परिस्थितियां सुनिश्चित करना है जिनमें शिक्षक बिना अनावश्यक प्रशासनिक दबाव के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें।

अनेक शिक्षक नेताओं एवं पदाधिकारियों ने किया प्रतिभाग

महाआक्रोश रैली में कार्यक्रम संयोजक एवं देहरादून जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह रावत, प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य दिगंबर सिंह नेगी, मनोज तिवारी, किशोर जोशी, जयदीप राणा, जनक सिंह बिष्ट, सतीश चंद रमोला, विजेंद्र पंवार, चंद्रवीर सिंह नेगी, प्रीतम सिंह फर्त्याल, दीपक रावत, दिनेश भंडारी, प्रकाश जोशी, मनोज पाठक, विनोद देवली, हेमवती नंदन भट्ट, मनोज बिष्ट, जगदीप भंडारी, अश्वनी कुमार, शोभा रमोला, तृप्ति जोशी, मधु पटवाल, सुमति नेगी, अनीषा रावत, प्रीति रमोला, संतोष रावत, विक्रम झिंक्वाण, यदुवीर बिष्ट, मुकेश नेगी, बलवंत सिंह अधिकारी, मनीश कांबोज, कमल कांबोज, कुलदीप कुमार एवं सीमा चौहान सहित विभिन्न जनपदों से आए शिक्षक एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपील

उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की कि शिक्षकों की नौ सूत्रीय मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र ठोस निर्णय लिए जाएं। संघ ने कहा कि शिक्षकों को सम्मानजनक सेवा परिस्थितियां, सामाजिक सुरक्षा और गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत उपलब्ध कराना प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

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