मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान ने बताया कि जल जीवन मिशन में ग्रामीण क्षेत्रों के समस्त स्कूलों एवं आँगनबाडी केन्द्रों में शत-प्रतिशत पेयजल सुविधा सुचारू कर दी गई है। - Swastik Mail
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मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान ने बताया कि जल जीवन मिशन में ग्रामीण क्षेत्रों के समस्त स्कूलों एवं आँगनबाडी केन्द्रों में शत-प्रतिशत पेयजल सुविधा सुचारू कर दी गई है।

 मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान ने बताया कि जल जीवन मिशन में ग्रामीण क्षेत्रों के समस्त स्कूलों एवं आँगनबाडी केन्द्रों में शत-प्रतिशत पेयजल सुविधा सुचारू कर दी गई है।
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मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान ने बताया कि जल जीवन मिशन में ग्रामीण क्षेत्रों के समस्त स्कूलों एवं आँगनबाडी केन्द्रों में शत-प्रतिशत पेयजल सुविधा सुचारू कर दी गई है।

(रेखीय विभागों की संयुक्त टीम ने भी निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन किया)

उत्तराखंड (देहरादून) मंगलवार,10 जनवरी 2023

मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान ने जानकारी देते हुए बताया कि जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित समस्त स्कूलों एवं आँगनबाडी केन्द्रों को वर्ष 2021-22 में ही शत-प्रतिशत पेयजल सुविधाओं से आच्छादित कर पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गई है।

सम्बन्धित रेखीय विभागों की संयुक्त निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन करवाया गया, जिसमें शत-प्रतिशत स्कूलों एवं आँगनबाडी केन्द्रों में सुचारू पेयजल आपूर्ति होना पाया गया। बताया कि वर्तमान में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थित समस्त स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यदायी संस्थाओं (उत्तराखण्ड पेजयल निगम एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान) के कनिष्ठ अभियन्ताओं द्वारा सम्बन्धित रेखीय विभागों (विद्यालयी शिक्षा विभाग तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग) के साथ मिलकर ग्राम प्रधान की उपस्थिति में संयुक्त निरीक्षण कर पुनः भौतिक सत्यापन किये जाने की कार्यवाही गतिमान है, जो कि एक नियमित भौतिक सत्यापन प्रक्रिया है।

वर्तमान में भौतिक सत्यापन इस आशय से कराया जा रहा है कि दैवीय आपदा, भू-स्खलन, लीकेज एवं चोकेज के कारण स्कूलों एवं आँगनबाड़ी केन्दों में सुचारू पेयजल आपूर्ति हो रही है अथवा नहीं का सर्वे कराया गया। जिसका जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में संयुक्त निरीक्षण/ पुनः भौतिक सत्यापन की प्रगति स्कूलों में 35.86 प्रतिशत तथा आँगनबाडी केन्दों में 37.67 प्रतिशत तक गया गया। जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भौतिक सत्यापन कार्य में तेजी लाने के अवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।

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