22 जून के सचिवालय कूच को विभिन्न कर्मचारी, शिक्षक एवं पेंशनर संगठनों का व्यापक समर्थन।
22 जून के सचिवालय कूच को विभिन्न कर्मचारी, शिक्षक एवं पेंशनर संगठनों का व्यापक समर्थन।
(TET बाध्यता समाप्त करने, पुरानी पेंशन बहाली एवं गोल्डन कार्ड की खामियां दूर करने की मांग)
उत्तराखंड (देहरादून) वीरवार, 18 जून 2026
वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त एवं विधिवत चयनित शिक्षकों पर TET उत्तीर्ण करने की बाध्यता समाप्त करने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली तथा कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए संचालित गोल्डन कार्ड योजना की खामियों को दूर करने की मांग को लेकर दिनांक 22 जून 2026 को प्रस्तावित उत्तराखण्ड सचिवालय कूच को प्रदेश के प्रमुख कर्मचारी, शिक्षक एवं पेंशनर संगठनों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है।
उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन उत्तराखण्ड, राजकीय शिक्षक संघ, उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी-शिक्षक संगठन, राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) उत्तराखण्ड, राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मेसिस्ट एसोसिएशन उत्तराखण्ड, लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, उत्तराखण्ड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति तथा उत्तराखण्ड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक संगठन ने संयुक्त रूप से इस आंदोलन को समर्थन प्रदान करते हुए कहा कि TET, पुरानी पेंशन और गोल्डन कार्ड तीनों ही विषय लाखों कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों के जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं और इनका शीघ्र समाधान किया जाना आवश्यक है।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि TET बाध्यता के कारण हजारों शिक्षक वर्षों से असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में हैं। वहीं पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा कर्मचारियों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। दूसरी ओर गोल्डन कार्ड योजना में व्याप्त व्यावहारिक खामियों के कारण कर्मचारी एवं पेंशनर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं, जबकि उनके वेतन एवं पेंशन से नियमित अंशदान लिया जा रहा है।
पदाधिकारियों ने कहा कि इन तीनों प्रमुख मांगों के साथ-साथ कर्मचारी एवं शिक्षक हितों से जुड़े अन्य लंबित मामलों के समाधान हेतु 22 जून का सचिवालय कूच आयोजित किया जा रहा है। यह आंदोलन किसी एक वर्ग का नहीं बल्कि प्रदेश के समस्त कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनरों की साझा आवाज है।
सभी संगठनों ने प्रदेशभर के कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनरों एवं युवा साथियों से अधिकाधिक संख्या में सचिवालय कूच में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि एकजुट संघर्ष से ही कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित किए जा सकते हैं तथा सरकार को उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए बाध्य किया जा सकता है।
बैठक में निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित थे।
1.श्री सोहन सिंह रावत प्रांतीय अध्यक्ष उत्तराखंड राज्य कर्मचारी शिक्षक संघ
2.श्री मुकेश बहुगुणा प्रांतीय अध्यक्ष मिनिस्ट्रीरियल फेडरेशन उत्तराखंड
3.श्री विक्रम सिंह रावत प्रांतीय अध्यक्ष लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन
4.आनंद सिंह पुजारी प्रांतीय महामंत्री लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन
5.कंचन कुमार आर्य क्षेत्रीय महामंत्री (कुमाऊं)
लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन
6.मनोज अवस्थी
प्रांतीय अध्यक्ष नोप्रूफ
7.अलोक उनियाल वरिष्ठ सदस्य शिक्षा विभाग
8.संजय भाष्कर मण्डलीय सचिव पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन
9.कीर्ति भट्ट प्रांतीय मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली मंच
10.नवीन चंद्र जिलाध्यक्ष पिथौरागढ़
11.विजय पाल पयाल प्रांतीय महामंत्री आयुष डिप्लोमा फार्मासिस्ट
12.दिगम्बर सिंह नेगी सदस्य प्रांतीय तदर्थ समिति जिलाध्यक्ष चमोली
13. जनक सिंह बिष्ट जिला मंत्री उत्तरकाशी 14. विनोद देवली जिला संगठन मंत्री चमोली
15. करण सिंह नेगी वरिष्ठ शिक्षक नेता चमोली
16. सतीश चंद्र रमोला ब्लॉक अध्यक्ष ढूंढा उत्तरकाशी
17. सिद्धार्थ शर्मा ब्लॉक मंत्री डोईवाला देहरादून
18. अनुराग चौहान ब्लॉक अध्यक्ष NMOPS रायपुर
19. शैलेंद्र सिंह नेगी वरिष्ठ उपाध्यक्ष जनपद देहरादून
20. दिलीप सिंह महामंत्री डोईवाला
21. राम सिंह चौहान पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड
22. पंचम सिंह बिष्ट संरक्षक पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ
23. अशोक राज उनियाल प्रांतीय महासचिव उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ
24. अरविंद सिंह चौहान अरविंद प्रदेश अध्यक्ष आयुष डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ उत्तराखंड