संयुक्त नागरिक संगठन ने नंदा की चौकी के पास टोंस नदी पर टूटे पुल की जांच की मांग की।
संयुक्त नागरिक संगठन ने नंदा की चौकी के पास टोंस नदी पर टूटे पुल की जांच की मांग की।
(16 करोड़ की लागत लगत का है यह पुल)
उत्तराखंड (देहरादून) मंगलवार, 28 जुलाई 2026
देहरादून के प्रेमनगर मार्ग,नंदा की चौकी के पास टोंस नदी पर विगत 6 माह पहले टूटे पुल के 16 दिन पहले 16 करोड़ की लागत से पुनर्निर्मित पुल(दिनांक 27 जुलाई 2026 की रात में)के दुबारा ध्वस्त होने से प्रमाणित विभागीय भ्रष्टाचार/लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई एवं रिकवरी हेतु जनहित में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से त्यागपत्र लिए जाने हेतु अनुरोध।
संयुक्त नागरिक संगठन ने नीतिन गडकरी,मुख्यमंत्री,राज्यपाल,मुख्यसचिव को लिखे पत्र में कहा है की ये घटना सुशासन नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार और आपराधिक लापरवाही का प्रमाण है। पत्र में लिखा है की जनता के 16 करोड़ रुपये ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की भेंट चढ़ गए।ये पैसा नदी में नहीं,भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा है जिसकी तत्काल जांच करानी चाहिए।पीडब्लूडी,गुणवत्ता नियंत्रण इकाई और थर्ड पार्टी जांच सिर्फ कागजों तक सीमित होती रही है।अब दोषियों की बर्खास्तगी भी की जानी जरूरी है।
संगठन सचिव सुशील त्यागी ने मांग की है की इस घटना की तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक/सतर्कता जांच गठित की जाए और दोषी ठेकेदार,इंजीनियर एवं अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर 16 करोड़ की रिकवरी की जाए।
प्रेमनगर पुल के निर्माण की पूरी फाइल – एस्टीमेट,टेंडर, गुणवत्ता रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।सम्पूर्ण उत्तराखंड में पिछले 3 वर्षों में बने सभी पुलों/सड़कों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाय। इस विभाग में जन शिकायत निवारण हेल्पलाइन बनाई जाए ताकि नागरिक बिना भय के भ्रष्टाचार उजागर कर सकेंगे।
दिवंगत मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूरी के सुशासन,भ्रष्टाचारउन्मूलन,जनसेवा के संकल्प को तभी साकार किया जा सकेगा।