अमेठी में होगा एके 203 की पांच लाख राइफल का निर्माण।  - Swastik Mail
Breaking News
अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को मिली मंजूरी, फायर सेफ्टी ऑडिट होगा अनिवार्य।मानसून अवधि में आपदा तैयारी को लेकर राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने की समीक्षा।जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की देख में जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) से जिले में मौसम एवं आपदा संबंधी परिस्थितियों की लगातार निगरानी की जा रही है।उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल के नेतृत्व में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच ने सचिव संस्कृति युगल किशोर पन्त के साथ वार्ता की। राशन कार्डधारकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना: जुलाई माह का खाद्यान्न 31 जुलाई तक अवश्य प्राप्त करें।

अमेठी में होगा एके 203 की पांच लाख राइफल का निर्माण। 

 अमेठी में होगा एके 203 की पांच लाख राइफल का निर्माण। 
Spread the love

अमेठी में होगा एके 203 की पांच लाख राइफल का निर्माण। 

(केन्द्र सरकार ने दी मंजूरी) 

नई दिल्ली, शनिवार, 04 दिसंबर 2021

केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के अमेठी के कोरवा में पांच लाख से अधिक एके-203 असॉल्ट राइफल के विनिर्माण की योजना को मंजूरी दी है। आधिकारिक सूत्रों ने इसे रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का बड़ा प्रयास बताया है।

उत्तर प्रदेश भारत का रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने के मार्ग पर है। एक सूत्र ने कहा, “यह रक्षा अधिग्रहण में खरीद (वैश्विक) से मेक इन इंडिया तक के सफर में लगातार होते बड़े परिवर्तन को दर्शाता है। यह प्रयास रूस के साथ साझेदारी में किया जाएगा और यह रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच गहरी होती साझेदारी को दर्शाता है।

यह परियोजना विभिन्न सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और अन्य रक्षा उद्योगों को कच्चे माल तथा घटकों की आपूर्ति के लिए व्यावसायिक अवसर प्रदान करेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।7.62 एक्स 39एमएम कैलिबर एके-203 (असॉल्ट कालाश्निकोव- 203) राइफल तीन दशक पहले शामिल सेवा में जारी इंसास राइफल की जगह लेंगी।

AK-203 असॉल्ट राइफलें, 300 मीटर की प्रभावी रेंज के साथ, हल्की, मजबूत और प्रमाणित तकनीक के साथ आसानी से उपयोग में लाई जा सकने वाली आधुनिक असॉल्ट राइफल हैं। ये वर्तमान और परिकल्पित अभियान संबंधी चुनौतियों का पर्याप्त रूप से सामना करने के लिए सैनिकों की युद्ध क्षमता को बढ़ाएंगी।

ये आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी अभियानों में भारतीय सेना की परिचालन प्रभावशीलता को बढ़ाएंगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) नामक एक विशेष प्रयोजन के संयुक्त उद्यम द्वारा कार्यान्वित की जाएगी। यह भारत के तत्कालीन ओएफबी-आयुध निर्माणी बोर्ड (अब एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआईएल) और म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) तथा रूस के रोसोबोरोनएक्सपोर्ट (आरओई) एवं कालाश्निकोव के साथ बनाया गया है।

Related post

error: Content is protected !!