पंजाबी महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की हुई बैठक।
पंजाबी महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की हुई बैठक।
(पंजाबी समाज को एकजुटता के साथ एक मंच पर लाकर संगठन को मजबूती देने पर विचार विमर्श हुआ)
उत्तराखंड (देहरादू) रविवार, 28 जून 2026
उत्तरांचल पंजाबी महासभा के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक कोर कमेटी सदस्यों श्री राकेश ओबेरॉय जी, श्री तिलक राज बेहड़ जी,श्री सुभाष कोहली जी,श्री प्रदीप सचदेवा जी, श्री राजकुमार अरोरा जी, श्री कोचर जी के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार प्रदेश महामंत्री श्री हरीश नारंग की अध्यक्षता में श्री गीताभवन मंदिर में आयोजित हुई।
बैठक में पंजाबी समाज को एकजुटता के साथ एक मंच पर लाकर संगठन को मजबूती देने पर विचार विमर्श हुआ। सबका एक ही भाव था,की किस तरह से पंजाबी समाज को मजबूती,सेवा और समर्पण भाव के साथ सामाजिक कार्यों के लिए आगे बढ़ाया जाय। उत्तराखंड में पंजाबी समाज की संस्कृति एवं विरासत को बनाए रखने के लिए निरंतर समाज के सहयोग से कार्य करने को बल दिया गया।
बैठक में भविष्य की कार्य योजना के साथ ही संगठन को नया रूप देने और उसका विस्तार करने पर भी गंभीरता से विचार विमर्श किया गया।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्री लाल चंद शर्मा ने कहा कि हमारी संस्था विगत 25 वर्षों से गैर राजनैतिक रूप से सभी पंजाबी भाई बहनों को एक सूत्र में पिरोकर चल रही है,इस एकता को बरकरार रखना है।
संस्थापक सदस्य स्व श्री हरबंस कपूर जी के सुपुत्र श्री अमित कपूर एव प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व संगठन मंत्री श्री गोपाल पुरी ने कहा कि स्वर्गीय राममूर्ति कपूर जी, हरबंस कपूर जी ,श्री तिलक राज बेहड़ जी, सरदार हरभजन सिंह चीमा जी, राकेश ओबेरॉय जी, श्री एस पी कोचर जी, श्री राजकुमार अरोरा जी, श्री प्रदीप सचदेवा जी,श्री सुभाष कोहली जी के संयुक्त प्रयासों से 25 साल पहले हमारी संस्था का गठन पंजाबी समाज की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं आपसी भाईचारा बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था, वर्षों वर्षों की तपस्या से उत्तराखंड में उत्तरांचल पंजाबी महासभा आज हर व्यक्ति की जुबान पर अपनी पहचान बना चुकी है। सरकार हो या आम जनता सभी उत्तरांचल पंजाबी महासभा के सामाजिक कार्यों से प्रभावित है और सम्मान की दृष्टि देखते है। इस पंजाबी महासभा का मान सम्मान किसी भी रूप में कम नहीं होना चाहिए इसके लिए हमें एकजुट रहना होगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अनिल मारवाह ने कहा कि समाज में पंजाबी महासभा का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है किंतु कुछ लोगों के कारण इसमें दो धाराएं बन गई हैं हमें अपने प्रयासों से इन दो धाराओं की फिर से एक करने की संभावना पर फोकस करना चाहिए।
प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री नीरज कोहली ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा एक ऐसी संस्था है जिसने उत्तराखंड में अपने कार्यों से समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है,उत्तरांचल पंजाबी महासभा समाज सेवा के साथ-साथ अपनी समृद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर सक्रिय रही है। और सबका मुख्य उद्देश्य भी यही है कि पंजाबी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा सामाजिक सरोकारों के माध्यम से भाईचारे को मजबूत करना है।
श्री विजय कोहली एवं अनूप कपूर जी ने भी समाज की एकता और संगठनकी मजबूती बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास करने की सलाह दी।
बैठक में उपस्थित श्री लाल चंद शर्मा, श्री नीरज कोहली,श्री गोपाल पुरी ,श्री अनिल मारवाह,श्री राकेश मल्होत्रा, श्री अमित कपूर,श्री सुनील मैसोन, सरदार संतोख नागपाल, नवनीत ओबेरॉय, विजय कोहली,प्रेम भाटिया, के के ओबेरॉय, राजकुमार कक्कड़ हरिओम ओमी, जितेंद्र खरबंदा, संजीव विज, हरजीत सिंह,सुनील बंगा, जगदीप मालिक, सरदार इंद्रजीत सिंह, सरदार रमेश सल, सरदार गुरप्रीत सिंह छाबड़ा,सतीश कपूर,रमन कपूर,बलजीत सिंह साहनी,नवीन मेहंदीरत्ता, सन्नी सेठी आदि बड़ी संख्या मे सदस्य मौजूद रहे।