जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन। - Swastik Mail
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जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन।

 जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन।
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उत्तराखंड (देहरादून)  दिनांक 27 जून 2026

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में रिस्पना नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन है।

बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देशित किया कि रिस्पना नदी के लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में गिरने वाले सभी नालों एवं गार्बेज प्वाइंट्स का चिन्हीकरण किया जाए। साथ ही संपूर्ण क्षेत्र का ड्रोन सर्वे एवं स्ट्रेचवार सर्वे कराकर प्रत्येक स्थान पर कूड़े की मात्रा, सफाई व्यवस्था तथा आवश्यक कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर 07 दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने सिंचाई विभाग को नदी तटों पर घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं नदी किनारे विकसित किए जाने वाले स्थलों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को प्रस्तावित एलिवेटेड रोड निर्माण के अंतर्गत नदी क्षेत्र में आने वाले पिलर्स एवं अन्य संरचनाओं का समुचित तकनीकी प्लान प्रस्तुत करने को कहा।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को रिस्पना नदी के पुनर्जीवन अभियान के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक प्रभावी टास्कफोर्स गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी में कूड़ा गिरने की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब आमजन के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाया जाए। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने नगर पालिका मसूरी को निर्देश दिए कि मसूरी क्षेत्र में रिस्पना नदी के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाए तथा किसी भी प्रकार का अपशिष्ट नदी में न जाने दिया जाए। वहीं वन विभाग को नदी के पुनरुद्धार एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत व्यापक वृक्षारोपण एवं हरित पट्टी विकसित करने की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म रणनीति के अनुरूप कार्य किए जाएं। शॉर्ट टर्म योजना के अंतर्गत नदी एवं उसके आसपास जमा कूड़े का तत्काल उठान, गार्बेज प्वाइंट्स का उन्मूलन, नदी में कूड़ा फेंकने पर रोक तथा जनजागरूकता अभियान को प्राथमिकता दी जाए। वहीं लॉन्ग टर्म योजना के तहत घाट निर्माण, नदी तटों का सौंदर्यीकरण, हरित विकास, आधारभूत संरचनाओं का विकास तथा नदी संरक्षण के लिए स्थायी एवं समग्र कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन देहरादून की पर्यावरणीय धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर मजिस्टेªट आशीष तिवारी, नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, नगर पालिका मसूरी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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