प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी, स्पेशल मोनीटर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून का भ्रमण / निरीक्षण किया गया।
प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी, स्पेशल मोनीटर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून का भ्रमण / निरीक्षण किया गया।
(प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने देहरादून के छात्रों को मानवाधिकार और जागरूकता का संदेश दिया)
उत्तराखंड (देहरादून) सोमवार, 02 मार्च 2026 
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के विशेष मॉनिटर प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने सोमवार को देहरादून के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण कर छात्र-छात्राओं को मानवाधिकार और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया।समस्त विभागाध्यक्षों से संवाद स्थापित करते हुए मानवाधिकारों के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सुझाव आमंत्रित किए।
प्रो. त्रिपाठी ने जीजीआईसी कौलागढ़, नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रेमपुर माफी एवं दून मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ मानवाधिकार की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है, विशेषकर बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने पोक्सो एक्ट, स्वच्छता, और आत्मरक्षा से संबंधित योजनाओं पर भी छात्रों को मार्गदर्शन दिया।
इस संदर्भ में प्राचार्या द्वारा अवगत कराया गया कि संस्थान में विद्यार्थियों के हित हेतु मेन्टोर मेन्टी प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है जिसमे प्रत्येक संकाय सदस्य के साथ 03 छात्र-छात्राओं को नामित किया किया जा रहा है एवं संस्थान में Family Adoption Programme के अन्तर्गत प्रत्येक छात्र द्वारा 05 परिवारों को एडोप्ट किया जाता है जिसे 05 वर्ष तक छात्र-छात्राओं द्वारा चिकित्सकीय सहायता हेतु मदद की जाती है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास में प्रो. त्रिपाठी ने आगामी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष जागरूकता गोष्ठियों, प्रतियोगिताओं और डाक्यूमेंट्री फिल्म प्रदर्शनी आयोजित कराने को कहा।
इस संदर्भ में प्राचार्या द्वारा अवगत कराया गया कि संस्थान में विद्यार्थियों के हित हेतु मेन्टोर मेन्टी प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है जिसमे प्रत्येक संकाय सदस्य के साथ 03 छात्र-छात्राओं को नामित किया किया जा रहा है एवं संस्थान में Family Adoption Programme के अन्तर्गत प्रत्येक छात्र द्वारा 05 परिवारों को एडोप्ट किया जाता है जिसे 05 वर्ष तक छात्र-छात्राओं द्वारा चिकित्सकीय सहायता हेतु मदद की जाती है।
दून मेडिकल कॉलेज में उन्होंने कॉलेज के अधिकारियों और चिकित्सकों के साथ बैठक की। प्रो. त्रिपाठी ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ मानवाधिकार और जेंडर इक्वेलिटी को बढ़ावा देने में बेहतरीन पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा में छात्रों, शिक्षकों और चिकित्सकों के बीच बेहतर संवाद होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कॉलेज में कोई शिकायत लंबित नहीं है और प्रबंधन समिति ने सभी निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करने का आश्वासन दिया।
संकाय सदस्यों एवं चिकित्सकों तथा हेल्थ केयर वर्कर के साथ मरीजों व रिश्तेदारों द्वारा किये जाने वाले प्रताड़ना एवं दुर्व्यवहार से बचने हेतु राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से अनुरोध किया गया कि इस पर सख्त कानून व्यवस्था बनायी जाय।
भ्रमण के दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी वी. के. ढौड़ियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी डॉ० (प्रो०) गीता जैन, प्राचार्या डॉ० (प्रो०) रविन्द्र सिंह बिष्ट, चिकित्सा अधीक्षक, डॉ० (प्रो०) रंगील सिंह रैना, डॉ० (प्रो०) के०सी०पन्त, डॉ० (प्रो०) अनिल जोशी, एवं समस्त विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।