बसंत महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, 5000 से अधिक लोगों की उपस्थिति में संस्कृति और वीरों को नमन। - Swastik Mail
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बसंत महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, 5000 से अधिक लोगों की उपस्थिति में संस्कृति और वीरों को नमन।

 बसंत महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, 5000 से अधिक लोगों की उपस्थिति में संस्कृति और वीरों को नमन।
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बसंत महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब, 5000 से अधिक लोगों की उपस्थिति में संस्कृति और वीरों को नमन।

सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

उत्तराखंड (कोटद्वार) मंगलवार ,08 फरवरी 2026

देवभूमि युवा संगठन द्वारा मालवीय उद्यान, कोटद्वार में आयोजित बसंत महोत्सव 2026 ऐतिहासिक और भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 5000 से अधिक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर उत्तराखंडी संस्कृति के रंग में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में सुप्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी मंच पर पहुंचे तो पूरा मैदान तालियों और नारों से गूंज उठा। नेगी जी को सामने देखकर कई लोग भावुक हो गए, कुछ की आंखों में आंसू तक छलक आए। उनके गीतों ने उपस्थित जनसमूह को अपनी संस्कृति और मिट्टी से जुड़ने का संदेश दिया। वहीं Anil Bisht ने भी अपनी मधुर प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। प्रतिभा बमराना और अंजलि खरे की प्रस्तुतियों को भी दर्शकों ने खूब सराहा।

अतिथि में शामिल मनोज ध्यानी दिनेश चंद्र मास्टर नमन चंदोला लुसुन टुटोरिया राकेश नेगी प्रमोद काला कपिल बिष्ट त्रिभुवन चौहान संगठन से जुड़े बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। छोटे-छोटे बच्चों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं।

कार्यक्रम के दौरान उन वीर शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। कोटद्वार को वीरों की भूमि बताते हुए आयोजकों ने कहा कि इस क्षेत्र से अनेक जवान देश के लिए शहीद हुए हैं और यह भूमि उनके साहस और बलिदान की गवाह है।

देवभूमि युवा संगठन के अध्यक्ष अशीष नौटियाल ने कहा कि संगठन पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता है, लेकिन अब तक का सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन कोटद्वार में हुआ है। उन्होंने कोटद्वार की जनता का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की जनता ने संगठन की पूरी टीम को भरपूर प्रेम और समर्थन दिया।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि देवभूमि की समृद्ध संस्कृति धीरे-धीरे समाप्त होती दिखाई दे रही है, जिसे बचाने के लिए अब युवाओं को आगे आना होगा।

कार्यक्रम की सफलता में संगठन के प्रमुख सहयोगकर्ता राम कंडवाल का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग दिया।

देवभूमि युवा संगठन ने घोषणा की कि भविष्य में भी प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऐसे भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड की संस्कृति को नई पीढ़ी तक मजबूती से पहुंचाया जा सके।

कार्यक्रम में शामिल सदस्य भूमि और संगठन की महासचिव दीपक नौटियाल, प्रवक्ता अनुप गोदियाल, उपाध्‍यक्ष दीपांजलि कोठारी, सह सचिव गौरव जाडधारी, सदस्य ब्रिजेश चंद्र, आकाश नेगी, रोनक, वीरेंद्र नेगी ,सौरभ सेमवाल  कृष्णा सुयाल उपस्थित रहे।

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