गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के निदेशक बने प्रो. एचबीएस चौहान। - Swastik Mail
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गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के निदेशक बने प्रो. एचबीएस चौहान।

 गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के निदेशक बने प्रो. एचबीएस चौहान।
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गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर के निदेशक बने प्रो. एचबीएस चौहान।

(विश्वविद्यालय के मानव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर हैं प्रो. एचबीएस चौहान)

श्रीनगर (गढ़वाल) बुधवार, 19 अगस्त 2026

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिड़ला परिसर के प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया है। विश्वविद्यालय के मानव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एच.बी.एस. चौहान को बिरला परिसर का निदेशक नियुक्त किया गया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से 19 अगस्त 2026 को कार्यालय आदेश जारी किया गया।

कार्यालय आदेश के अनुसार प्रो. चौहान को यह जिम्मेदारी उनके वर्तमान दायित्वों एवं जिम्मेदारियों के अतिरिक्त सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष या अधिवर्षता की तिथि, जो भी पहले हो, तक प्रभावी रहेगी। नियुक्ति विश्वविद्यालय अधिनियम, परिनियम तथा संबंधित अध्यादेश के तहत कुलपति द्वारा की गई है। इसके साथ ही एक्सटेंशन कैंपस-चौरास कैंपस के निदेशक पद को पुनर्निर्मित करते हुए एसोसिएट डायरेक्टर, एक्सटेंशन कैंपस-चौरास कैंपस कर दिया गया है। एसोसिएट डायरेक्टर को सक्षम प्राधिकारी की ओर से समय-समय पर सौंपे जाने वाले दायित्वों का निर्वहन करना होगा। विश्वविद्यालय ने बिड़ला परिसर के निदेशक की सहायता के लिए आगे चलकर दो संयुक्त निदेशक (Joint Directors) नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है। इनमें एक पुरुष और एक महिला फैकल्टी सदस्य शामिल होंगे। संयुक्त निदेशक बिरला परिसर के निदेशक और कुलपति द्वारा समय-समय पर सौंपे जाने वाले कार्यों एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, परिसर निदेशकों, अधिष्ठाताओं, छात्र कल्याण अधिष्ठाता, प्रॉक्टर, मुख्य छात्रावास अधीक्षक तथा संबंधित अधिकारियों को बिरला परिसर के निदेशक और एक्सटेंशन कैंपस-चौरास के एसोसिएट डायरेक्टर को उनके दायित्वों के प्रभावी निर्वहन में आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव को विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, समन्वित और सुचारू बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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