उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महिला किसानों की भागीदारी और नेतृत्व समय की माँग। - Swastik Mail
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उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महिला किसानों की भागीदारी और नेतृत्व समय की माँग।

 उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महिला किसानों की भागीदारी और नेतृत्व समय की माँग।
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उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महिला किसानों की भागीदारी और नेतृत्व समय की माँग।

(जलवायु अनुकूलन उपायों के लिए महिला किसानों को सशक्त बनाने” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का किया गया आयोजन)

उत्तर प्रदेश (लखनऊ) शनिवार, 06 जून 2026

महिला किसानों को जलवायु अनुकूलन उपायों से जोड़ना खेती को टिकाऊ और प्रगतिशील बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इसी कड़ी में आज लखनऊ के एक स्थानीय होटल में “जलवायु अनुकूलन उपायों के लिए महिला किसानों को सशक्त बनाने” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि के विकास में महिला किसानों का योगदान अतुलनीय है, इसलिए उन्हें अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करना हमारी प्राथमिकता है।

कृषि मंत्री ने अपने सम्बोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व आज के समय की सबसे बड़ी माँग है। उन्होंने कहा कि मौसम के बदलते मिजाज और अनिश्चितता के इस दौर में पारम्परिक खेती को बचाए रखने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए महिलाओं को आगे आना होगा। सरकार और समाज को मिलकर सामूहिक प्रयासों के जरिए उन्हें उन्नत तकनीक, विशेष प्रशिक्षण व आवश्यक संसाधन समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने होंगे, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर बनकर अपनी फसलों का सूक्ष्म प्रबंधन कर सकें।

सूर्य प्रताप शाही ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार “अन्नदाता से उद्यमी” बनाने के संकल्प के साथ महिला कृषकों के सशक्तिकरण के लिए लगातार विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। चाहे कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान हो, जैविक खेती को बढ़ावा देना हो या फिर मोटे अनाजों (मिलेट्स) का प्रचार-प्रसार, हर स्तर पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यशाला से निकले निष्कर्ष प्रदेश की कृषि नीतियों को और अधिक व्यावहारिक तथा पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

इस उच्च स्तरीय कार्यशाला के दौरान प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, निदेशक अनुकूली और न्यायसंगत खाद्य प्रणाली गेट्स फाउंडेशन डॉ अना मारिया लोबोग्रेरियो,पूर्व सचिव कृषि भारत सरकार देवेश चतुर्देवी, पूर्व आईएएस अमित मोहन प्रसाद, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड पंकज कुमार, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, कृषि क्षेत्र के कई वरिष्ठ विशेषज्ञ तथा महिला किसान उपस्थित रहे।

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