वरिष्ठ उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी श्रीमती विमला कोटियाल (65) जी हुआ हृदय गति रुकने से निधन। - Swastik Mail
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वरिष्ठ उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी श्रीमती विमला कोटियाल (65) जी हुआ हृदय गति रुकने से निधन।

 वरिष्ठ उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी श्रीमती विमला कोटियाल (65) जी हुआ हृदय गति रुकने से निधन।
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वरिष्ठ उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी श्रीमती विमला कोटियाल (65) जी हुआ हृदय गति रुकने से निधन।

 (मुजफ्फरनगर गोली काण्ड की मुख्य गवाह रही श्रीमती विमला कोटियाल)

उत्तराखंड (देहरादून) सोमवार, 01 जून 2026

उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी व मुजफ्फरनगर गोली काण्ड की मुख्य गवाह रही श्रीमती विमला कोटियाल (65) जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त कर उनकी आत्मशांति की प्रार्थना की।

उनके बड़े पुत्र केशर कोटियाल ने दूरभाष पर बताया कि शनिवार हार्ट अटेक के कारण देर सायं उनका निधन हो गया।

प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने बताया कि विमला जी ने आखिर अपनी अधूरें सपनों कों छोड़कर उन्होंने दुनियां से विदा लें ली। अभी दो वर्ष पूर्व वर्षों में वह मुजफ्फरनगर गोलीकाण्ड की घटना की गवाही देकर आई थी। प्रवक्ता ने बताया कि उनका मेरे साथ समय समय पर संवाद होता रहता था। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा तत्कालीन DG से हमने अपने आंदोलनकारी गवाहों के लियॆ सुरक्षा के साथ जाने की मांग की जो उन्होंने सहर्ष पूर्ण की।साथ ही स्व विमला जी ने मुझसे कहा कि मुख्यमन्त्री जी से मुलाकात करवाएं ताकि हम जितने भी गवाह रहें उनके परिपेक्ष में बात रख सकूं तों मेंने तत्काल समय की व्यवस्था कर धामी से मुलाकात की और उन्होंने अपनी बात रखी परन्तु उनकी मांग आज दो वर्ष बाद भी सरकार पूरी नहीं कर सकी जिसका मुझे भी बहुत दुःख हैं।

सुलोचना भट्ट एवं अरुणा थपलियाल के साथ द्वारिका बिष्ट ने बताया कि रुद्रप्रयाग व चमोली क्षेत्र की हमारी कई राज्य आंदोलनकारियों ने काफी पीड़ा के साथ संघर्ष किया लेकिन वह आज भी हाशिये पर रह गई। यें जिम्मेदारी हमारें जनप्रतिनिधियों व शासन प्रशासन की हैं कि वह राज्य बनाने वालों की सुध लेतें और उन संघर्ष करने वाले शहीद परिजनों के साथ समन्वय बनाकर उनकी पीड़ा व समस्याओं का समाधान करते। उनकी हमेशा यह पीड़ा रही कि मुजफ्फरनगर घटना के गवाहों कों ना तों सरकार ने पूछा ना उन्हें समय समय सुध लेने का प्रयास किया जिससे शहीद परिजनों के साथ हीगवाहों में आक्रोश स्पष्ट दिखाई देता हैं।

शोक व्यक्त करने वालों में राज्य आंदोलनकारियों मॆं सलाहकार केशव उनियाल , प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी , महासचिव रामलाल खंडूड़ी , प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती , सलाहकार अधिवक्ता पृथ्वी सिंह नेगी , प्रदेश उपाध्यक्ष सतेन्द्र भण्डारी , विजय बलूनी , अनुज नौटियाल , हरी सिंह मेहर , सुशील चमोली , मनोज नौटियाल , मोहन रावत , सुमित थापा , विनोद असवाल , सतेन्द्र नौगाँई , प्रभात डण्डरियाल , गणेश डंगवाल , वेदा कोठारी , राकेश नौटियाल , राजेश पान्थरी , मोहन थापा , सुलोचना भट्ट , पुष्पलता सिलमाणा , राधा तिवारी , द्वारिका बिष्ट , तारा पाण्डे , राजेश्वरी परमार , शकुन्तला रावत , रामेश्वरी नेगी , अरुणा थपलियाल , कमला कंडारी , प्रभात डण्डरियाल , आदि अनेक आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

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