सनराइज एकेडमी में कुसुम कांता फाउंडेशन द्वारा प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया।
सनराइज एकेडमी में कुसुम कांता फाउंडेशन द्वारा प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया।
(35 विद्यार्थियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए)
उत्तराखंड (देहरादून) वीरवार, 03 अप्रैल 2026
कुसुम कांता फाउंडेशन द्वारा सनराइज एकेडमी, रायपुर, देहरादून में एक गरिमामय प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 35 विद्यार्थियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
अप्रैल और मई 2025 के दौरान, जब अधिकांश लोग गर्मी के कारण घर के अंदर रहना पसंद करते हैं, उस समय इन विद्यार्थियों ने सीखने और आत्मविकास को प्राथमिकता दी। कुसुम कांता फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह दो माह का कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 वर्ष और उससे अधिक आयु के विद्यार्थियों के लिए संचालित किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में सीखने की गहरी रुचि, जिज्ञासा और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का संकल्प स्पष्ट रूप से देखने को मिला। यह प्रशिक्षण देहरादून के सनराइज एकेडमी, रायपुर एवं लक्कीबाग केंद्रों पर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस अवसर पर फाउंडेशन ने अपने मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनमें श्रीमती नीतू तोमर (प्रधानाचार्य, सनराइज एकेडमी), एवं सुश्री पूजा सेठी शामिल हैं।इनके मार्गदर्शन और समर्पण ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह कार्यक्रम केवल कंप्यूटर शिक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उनके लिए नए अवसरों का निर्माण करना भी था।
कुसुम कांता फाउंडेशन का मानना है कि शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है, और इसी सोच के साथ संस्था निरंतर कार्य कर रही है।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों की मेहनत और समर्पण को सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती विदुषी निशक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिवानी गुप्ता, सनराइज एकेडमी की एमडी श्रीमती पूजा पोखरियाल एवं प्रधानाचार्य श्रीमती नीतू तोमर सहित श्री गिरधारी गोपाल लूथरा, मोनिका शर्मा, श्रीमती रेखा हटवाला, प्रीति बख्शी व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फाउंडेशन ने बताया कि इस पहल को भविष्य में और व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।क्योंकि सच्चा परिवर्तन शिक्षा से ही प्रारंभ होता है।