हिंदुस्तान स्काउट गाइड के त्रि-दिवसीय विशेष अभियान का समापन में स्काउट्स-गाइड्स को देशभक्ति एवं जीवन मूल्यों का संदेश दिया।
हिंदुस्तान स्काउट गाइड के त्रि-दिवसीय विशेष अभियान का समापन में स्काउट्स-गाइड्स को देशभक्ति एवं जीवन मूल्यों का संदेश दिया।
(मुख्य अतिथि के रूप में धर्मेन्द्र सिंह रावत, जिलाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ एवं एनएमओपीएस अध्यक्ष श्री अनुराग चौहान उपस्थित रहे)
उत्तराखंड (देहरादून) सोमवार, 30 मार्च 2026
हिंदुस्तान स्काउट गाइड के त्रि-दिवसीय विशेष अभियान का समापन, स्काउट्स-गाइड्स को देशभक्ति एवं जीवन मूल्यों का संदेश।
भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित दिल्ली मॉडर्न स्कूल, द्वारका के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल एवं उनके शिक्षकों के साथ हिंदुस्तान स्काउट गाइड के त्रि-दिवसीय विशेष अभियान के अंतिम दिवस एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रतिभागी स्काउट्स एवं गाइड्स को ईश रिसोर्ट के मुख्य कार्यकारी श्री सागर जी तथा श्री बिजेंद्र मेलवान जी द्वारा मोटिवेशनल स्पीच देने का सुअवसर प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में संयुक्त रूप से मुख्य अतिथि के रूप में धर्मेन्द्र सिंह रावत, जिलाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ एवं एनएमओपीएस अध्यक्ष श्री अनुराग चौहान की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपने प्रेरक उद्बोधन में मुख्य अतिथियों ने राष्ट्र और राष्ट्रभक्ति को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि स्काउट-गाइड गणवेश में अर्द्धसैनिक का एक असाधारण रूप होते हैं, जिन्हें 24×7 देश सेवा के लिए तत्पर रहने का संकल्प लेना चाहिए।
मोटिवेशनल स्पीच के दौरान गीता में श्रीकृष्ण द्वारा दिए गए उपदेश—
“नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः॥” (गीता 2.23)
के सार को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए जीवन मूल्यों, उत्तम चरित्र निर्माण और सकारात्मक सोच पर विशेष बल दिया गया। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी रुचि विकसित करने, देश के प्रत्येक क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर रखने तथा राष्ट्र को महान बनाने हेतु सदैव सकारात्मक विचार रखने के लिए प्रेरित किया गया।
वक्ताओं ने जीवन में आने वाली चुनौतियों का निडरता से सामना करने, छोटी-छोटी निराशाओं से उबरने और आत्महत्या जैसे महापाप से दूर रहते हुए ईश्वर पर आस्था व विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। साथ ही, धैर्यपूर्वक समय के साथ जीवन के उद्देश्य को पूर्ण करने की शपथ लेने के लिए सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ पर्यावरण और ईश्वरीय वरदानों पर भी प्रकाश डाला गया। माँ भगवती प्रकृति के पवित्र मंत्र—
“या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः”
के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।
अंत में कार्यक्रम के संचालकों एवं शिक्षकों का देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्वागत हेतु हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए पुनः देवभूमि में आगमन के लिए सादर आमंत्रण दिया गया।